ठाणे मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने वर्ष 2019 में एक सड़क दुर्घटना में स्थायी दिव्यांगता का शिकार हुए 36 वर्षीय फार्मास्युटिकल कर्मचारी को 20.17 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
ट्रिब्यूनल के सदस्य आर.वी. मोहिते ने मामले की सुनवाई करते हुए पीड़ित की कार्यक्षमता में 10 प्रतिशत की स्थायी दिव्यांगता दर्ज की। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि स्वीकृत मुआवजे में से 5 लाख रुपये की धनराशि दावेदार के नाम से तीन साल के लिए सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) में रखी जाएगी।
पिक-अप वैन चालक की लापरवाही साबित
ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय बाइक को टक्कर मारने वाला टाटा मैजिक वाहन अत्यधिक तेज गति में था, जिससे चालक की तेज और लापरवाही से वाहन चलाने की बात साबित होती है। इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने रिकॉर्ड पर गौर करते हुए टिप्पणी की कि घटना में मोटरसाइकिल चालक राहुल दत्तात्रेय थोम्बरे की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलती का कोई सबूत नहीं मिला है।
चार दिसंबर 2019 को हुई थी टक्कर
यह दुर्घटना 4 दिसंबर 2019 को बोइसर-नांदगांव मार्ग पर हुई थी। उस दौरान दवा कंपनी के कर्मचारी राहुल दत्तात्रेय थोम्बरे अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी एक पिक-अप वैन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी थी। इस हादसे में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे और बाद में उन्हें स्थायी शारीरिक अक्षमता का सामना करना पड़ा।

