प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामले में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर मंगलवार को रोक लगा दी। जस्टिस विक्रम डी चौहान की एकलपीठ ने कैराना सांसद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश जारी किया। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को मामले में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया है।
राजनीतिक रंजिश का दिया हवाला
कैराना लोकसभा सीट से सपा सांसद इकरा हसन ने अपने खिलाफ शुरू की गई अदालती कार्यवाही को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अपनी याचिका में उन्होंने तर्क दिया कि उनके ऊपर दर्ज कराया गया यह आपराधिक मुकदमा दुर्भावनापूर्ण है और पूरी तरह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित है। मामले की प्राथमिक दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत में लंबित प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
कांधला थाने में दर्ज हुआ था मामला
यह प्रकरण 2024 के संसदीय आम चुनाव के दौरान का है। चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर शामली जिले के कांधला थाने में इकरा हसन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले की विवेचना पूरी करने के बाद जांच अधिकारी ने अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। इसी चार्जशीट के आधार पर शामली स्थित विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सांसद के खिलाफ आपराधिक मुकदमे की प्रक्रिया शुरू की थी, जिस पर अब हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।

