कलकत्ता हाईकोर्ट में जस्टिस उदय कुमार की एकल पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (एनआई एक्ट) की धारा 141 के तहत प्रतिनिधि देनदारी (विकेरियस लायबिलिटी) का सिद्धांत किसी एकल स्वामित्व वाली फर्म (सोल प्रोपराइटरशिप) के पारिवारिक सदस्यों पर लागू नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने माना कि
