सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह काला सागर (ब्लैक सी) में मालवाहक पोत पर हुए ड्रोन हमले के बाद लापता हुए भारतीय नाविक की तलाश के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करे।
प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहाना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को यूक्रेन तथा रोमानिया (बुखारेस्ट) स्थित भारतीय दूतावासों से जानकारी जुटाने और 22 वर्षीय नाविक दीपक कुमार गुप्ता का पता लगाने का निर्देश दिया। अदालत इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को करेगी।
ओडेसा बंदरगाह के पास हुआ हादसा
घटना 25 जुलाई की है, जब यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के समीप भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले मालवाहक जहाज ‘एमवी एजीएन राग्नार’ (MV AGN Ragnar) पर ड्रोन से हमला हुआ था। इस हमले के बाद से ही पोत पर तैनात दीपक कुमार गुप्ता लापता हैं।
मदद न मिलने पर परिवार ने ली कोर्ट की शरण
लापता नाविक के बड़े भाई संदीप कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर विदेश मंत्रालय को यूक्रेन और रोमानिया के भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान चलाने का निर्देश देने की मांग की थी।
याचिका में बताया गया कि परिवार ने 26 जुलाई से 30 जुलाई के बीच केंद्र सरकार और दोनों देशों में मौजूद भारतीय राजनयिक मिशनों को कई बार संपर्क किया, लेकिन वहां से कोई जवाब या ठोस आश्वासन नहीं मिला।
दीपक का परिवार मूल रूप से बिहार के सिवान जिले का रहने वाला है, लेकिन वे पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भरतौल गांव में निवास कर रहे हैं।

