दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पनवार की अदालत ने सोमवार को दोनों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश सुनाया। इस मामले में अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 2 जुलाई को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
मामला और कानूनी कार्यवाही
यह आपराधिक मामला छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों से शुरू हुआ था। इन शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने 15 जून को अदालत में औपचारिक आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था। पुलिस ने छह बार के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया था।
मई 2024 का आदेश और आरोप
इससे पहले, मई 2024 में सुनवाई के दौरान अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी (धारा 506) का आरोप तय करने का निर्देश दिया था। हालांकि, उसी आदेश में अदालत ने छह मूल शिकायतकर्ताओं में से एक महिला पहलवान की शिकायत के संबंध में पूर्व खेल प्रशासक को बरी कर दिया था।
विस्तृत आदेश का इंतजार
निचली अदालत ने बरी करने का संक्षिप्त आदेश जारी कर दिया है, लेकिन अदालत का विस्तृत लिखित फैसला अभी आना बाकी है, जिसमें बरी किए जाने के कानूनी आधारों का ब्योरा होगा।

