मकोका मामले में पूर्व आप विधायक नरेश बालयान को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) के तहत दर्ज मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक नरेश बालयान को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।

जस्टिस मनोज जैन ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पीठ इस याचिका को खारिज कर रही है। बालयान पर शहर में सक्रिय एक संगठित अपराध गिरोह के मददगार (फैसिलिटेटर) के रूप में काम करने का आरोप है।

बचाव पक्ष का दावा और गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

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अदालत में दायर अपनी याचिका में पूर्व विधायक ने खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत की मांग की थी। बालयान की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ रत्ती भर भी सबूत मौजूद नहीं हैं और यह पूरा मामला पूरी तरह से बेबुनियाद है।

गौरतलब है कि बालयान को 4 दिसंबर 2024 को मकोका के कड़े कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। जिस दिन उन्हें मकोका मामले में हिरासत में लिया गया, उसी दिन एक ट्रायल कोर्ट ने रंगदारी के एक अलग मामले में उन्हें जमानत दी थी।

निचली अदालत का फैसला और अभियोजन की दलीलें

हाईकोर्ट से पहले 15 जनवरी 2025 को एक ट्रायल कोर्ट भी मकोका मामले में नरेश बालयान की जमानत अर्जी खारिज कर चुका था।

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निचली अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बालयान की रिहाई का विरोध करते हुए दिल्ली के विभिन्न इलाकों में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ दर्ज 16 एफआईआर (FIR) का हवाला दिया था। अभियोजन का आरोप था कि इस संगठित अपराध सिंडिकेट ने समाज में दहशत फैलाई है और अवैध तरीकों से भारी संपत्ति जुटाई है।

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