आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि निवारक निरोध कानूनों (Preventive Detention Laws) के तहत पारित किसी आदेश के क्रियान्वयन में किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने के लिए एडवाइजरी बोर्ड (सलाहकार बोर्ड) की राय लेना अनिवार्य पूर्व-शर्त (pre-condition) नहीं है। जस्टिस रवि नाथ तिलहरी और जस्टिस सुभेंदु सामंत की पीठ ने
