मेघालय हनीमून हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद आरोपी सोनम रघुवंशी ने किया आत्मसमर्पण

मेघालय में हनीमून के दौरान अपने कारोबारी पति की हत्या की साजिश रचने की आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सियैम के अनुसार, सरेंडर के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। राज्य सरकार की अपील पर शीर्ष अदालत द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और समयावधि

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने 23 जुलाई को सोनम की जमानत खारिज कर दी थी और उसे तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि आरोपी का जेल से बाहर रहना जारी न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है। इसके साथ ही अदालत ने यह राहत भी दी कि यदि अगले छह महीनों के भीतर मामले का ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो आरोपी दोबारा जमानत के लिए आवेदन करने के लिए स्वतंत्र होगी।

निचले न्यायालयों का रुख

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मेघालय की निचली अदालतों द्वारा दिए गए पूर्व आदेशों के विपरीत है। सबसे पहले 27 अप्रैल को एक स्थानीय ट्रायल कोर्ट ने सोनम को जमानत दी थी। इसके खिलाफ मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन 29 जून को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अर्जी खारिज करते हुए निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद राज्य सरकार ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

हत्या की साजिश और जांच का ब्योरा

मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम रघुवंशी को जून 2025 में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। यह नवविवाहित जोड़ा 23 मई 2025 को मेघालय के सोहरा क्षेत्र में घूमने के दौरान लापता हो गया था। इसके बाद व्यापक खोज अभियान चलाया गया और 2 जून 2025 को पुलिस ने एक गहरी खाई से राजा का शव बरामद किया था।

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पुलिस की जांच के अनुसार, सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर पैसों के लालच में इस हत्याकांड की पटकथा लिखी थी। जांच अधिकारियों का आरोप है कि दोनों ने ट्रिप के दौरान ही राजा को रास्ते से हटाने के लिए सुपारी देकर कांट्रैक्ट किलर्स को काम पर रखा था।

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