बेंगलुरु के पांच नगर निगमों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव अब दिसंबर 2026 में कराए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के चल रहे पुनरीक्षण कार्य को देखते हुए इन चुनावों की समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया है। इससे पहले शीर्ष अदालत ने इन चुनावों को संपन्न कराने के लिए 31 अगस्त की समय-सीमा तय की थी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यह निर्देश कर्नाटक में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की रिपोर्ट मिलने के बाद जारी किया।
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि राज्य में मतदाता सूची को अपडेट करने का काम अभी जारी है। उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि इस साल नवंबर तक मतदाता सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उन्होंने चुनाव की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था।
जीबीए की दलीलों को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि कर्नाटक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम चल रहा है और यह प्रक्रिया नवंबर में पूरी हो जाएगी, इसलिए सभी पांचों नगर निगमों के चुनाव दिसंबर 2026 में आयोजित किए जाएं।
प्रशासनिक और व्यावहारिक चुनौतियां
इससे पहले ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने कोर्ट में दायर अपनी याचिका में चुनाव टालने की वजहों का खुलासा किया था। जीबीए के मुताबिक, इन पांचों नगर निगमों का पूरा प्रशासनिक अमला और कर्मचारी इस समय मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में पूरी तरह व्यस्त हैं।
याचिका में कहा गया था कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने की यह कवायद बेहद श्रमसाध्य है। इसके लिए बूथ स्तर के अधिकारियों को घर-घर जाकर सत्यापन करना पड़ता है। इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर तक के सभी पर्यवेक्षी अधिकारियों को भी रोजाना इस प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता है। इन परिस्थितियों के कारण प्राधिकरण को भारी प्रशासनिक और लॉजिस्टिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

