दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की सहयोगी पिंकी ईरानी की उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करे, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपये के रंगदारी मामले में अपने खिलाफ तय किए गए आरोपों को चुनौती दी है।
जस्टिस मधु जैन ने इस मामले में निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दायर ईरानी की पुनरीक्षण याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने जांच एजेंसी को अपना पक्ष रखने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने निचली अदालत की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने की मांग करने वाले ईरानी के आवेदन पर भी नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 10 सितंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान पिंकी ईरानी के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) की धाराएं लागू करने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता है। बचाव पक्ष का कहना था कि मकोका के तहत आरोप तभी लगाए जा सकते हैं जब आरोपी के खिलाफ मूल आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) के तहत कोई अपराध बनता हो, जो पिंकी ईरानी के मामले में लागू नहीं होता। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ वकील ने इस याचिका का कड़ा विरोध किया और अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।
संगठित अपराध कानून के तहत तय हुए आरोप
यह याचिका निचली अदालत के बीते 3 जून के उस आदेश के बाद आई है, जिसमें अदालत ने सुकेश चंद्रशेखर, पिंकी ईरानी और 19 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया था। इन सभी पर धोखाधड़ी, जबरन वसूली, आपराधिक साजिश, खुद को सरकारी अधिकारी बताना, आपराधिक धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं के अलावा आईटी एक्ट और मकोका की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। मकोका को साल 1999 में संगठित अपराध और आतंकवाद से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बनाया गया था, जो पुलिस को आपराधिक सिंडिकेट की गतिविधियों की निगरानी करने, उन्हें रोकने और कड़ी सजा दिलाने के विशेष अधिकार देता है। इससे पहले, हाईकोर्ट ने 20 अक्टूबर 2023 को पिंकी ईरानी को इस मामले में जमानत दे दी थी।
200 करोड़ रुपये के रंगदारी सिंडिकेट में भूमिका
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, पिंकी ईरानी पर आरोप है कि उसने सुकेश चंद्रशेखर को एक बेहद अमीर कारोबारी के रूप में पेश कर उसकी मदद की थी। इसके साथ ही उसने सुकेश की मुलाकात बॉलीवुड की नामचीन हस्तियों से कराने में अहम भूमिका निभाई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने इस सिलसिले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज और नोरा फतेही सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए थे।
मामले का मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर फिलहाल जेल में बंद है। उस पर कई रसूखदार और अमीर लोगों को ठगने का आरोप है। इनमें फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह भी शामिल हैं। जांचकर्ताओं का आरोप है कि रोहिणी जेल में बंद रहने के दौरान सुकेश ने स्पूफ कॉल्स का इस्तेमाल कर खुद को केंद्र सरकार का बड़ा अधिकारी बताया था। उसने अदिति सिंह को झांसा दिया कि वह उनके जेल में बंद पति को जमानत दिलाने में मदद करेगा, जिसके बदले उसने उनसे मोटी रकम ऐंठ ली।

