सेंसर बोर्ड के पास अभी तक नहीं भेजी गई फिल्म ‘काला हिरण’, दिल्ली हाईकोर्ट में बोले निर्माता – तुरंत रिलीज होने का सवाल ही नहीं

अभिनेता सलमान खान की याचिका पर सुनवाई के दौरान फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगल’ के निर्माताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया है कि यह फिल्म अभी रिलीज नहीं हो सकती। निर्माताओं के वकील ने स्पष्ट किया कि फिल्म को अभी तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाण पत्र नहीं मिला है और आगामी सोमवार, 6 जुलाई से पहले इसे सेंसर बोर्ड के पास भेजा भी नहीं जाएगा।

बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकीलों ने अदालत से फिल्म की रिलीज पर तुरंत रोक लगाने का आग्रह किया था। इसके जवाब में फिल्म निर्माताओं के वकील ने दलील दी कि बिना सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट के कोई भी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज नहीं की जा सकती। उन्होंने कोर्ट को बताया कि फिल्म को अभी तक बोर्ड के पास भेजा ही नहीं गया है, इसलिए इसके तुरंत रिलीज होने की कोई आशंका नहीं है।

सलमान खान की आपत्तियां और ब्रेसलेट का विवाद

यह कानूनी विवाद जून में तब शुरू हुआ जब 59 वर्षीय अभिनेता सलमान खान ने अपनी ‘पर्सनालिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकारों) के संरक्षण के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। सलमान का दावा है कि यह फिल्म उनके खिलाफ चले काले हिरण शिकार मामले पर आधारित है, जो उनके अधिकारों की रक्षा से जुड़े पिछले अदालती आदेश का सीधा उल्लंघन है।

याचिका के अनुसार, बीते 29 मई को जारी किए गए फिल्म के पोस्टर में मुख्य किरदार की शारीरिक बनावट और हुलिया पूरी तरह सलमान खान से मिलता-जुलता है। इसके अलावा, वह किरदार हाथ में एक ब्रेसलेट पहने नजर आ रहा है, जो बिल्कुल सलमान के सिग्नेचर ब्रेसलेट जैसा है। सलमान के वकीलों का कहना है कि यह पोस्टर और फिल्म जनता में एक भ्रामक और झूठी कहानी फैला रहे हैं, जो वास्तविक कानूनी रिकॉर्ड के बिल्कुल विपरीत है।

READ ALSO  केवल संचार का आदान-प्रदान यह दिखाने के लिए पर्याप्त नहीं है कि पार्टियों ने मध्यस्थता का विकल्प चुना है: हाईकोर्ट

हथियार की तस्वीर और मानहानि का दावा

सलमान खान को राजस्थान की एक अदालत ने आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) से जुड़े मामले में बरी कर दिया था। हालांकि, फिल्म के पोस्टर में इस किरदार को हाथ में बंदूक लिए दिखाया गया है। याचिका में कहा गया है कि कोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड के विपरीत इस तरह का चित्रण पूरी तरह भ्रामक और मानहानि करने वाला है। याचिका में निर्माताओं पर आरोप लगाया गया है कि वे सिर्फ सुर्खियां बटोरने और लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस पुराने मामले को सनसनीखेज बना रहे हैं।

READ ALSO  सूरत की अदालत से मानहानि के मामले में राहत न मिलने पर राहुल ने गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया

फिल्म के कलाकारों ने बनाई दूरी

इस कानूनी विवाद के बीच फिल्म को आंतरिक मतभेदों का भी सामना करना पड़ रहा है। दिग्गज अभिनेता गोविंद नामदेव सहित फिल्म के दो कलाकारों ने खुद को इस प्रोजेक्ट के प्रचार से अलग कर लिया है। इन कलाकारों का कहना है कि उन्हें इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि फिल्म की मार्केटिंग और प्रचार इस तरह से किया जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले साल 11 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान के पक्ष में एक अंतरिम आदेश जारी किया था। उस आदेश के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर सलमान के नाम, फोटो, आवाज या उनके व्यक्तित्व से जुड़ी किसी भी चीज का उनकी अनुमति के बिना व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई थी।

READ ALSO  अहमदाबाद अदालत ने 2002 के दंगों के सबूत गढ़ने के मामले में तीस्ता सीतलवाड की आरोपमुक्त करने की याचिका खारिज कर दी
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles