पंजाब में 454 फार्मेसी अफसरों की भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक, 17 सितंबर तक प्रक्रिया ठप

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 454 फार्मेसी अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर 17 सितंबर तक के लिए रोक लगा दी है। 19 जुलाई को आयोजित लिखित परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई धांधली और हाई-टेक नकल गिरोह के खुलासे के बाद अदालत ने यह आदेश जारी किया है।

हाईकोर्ट का आदेश और याचिका

जस्टिस संदीप मौदगिल की पीठ ने परीक्षार्थी केशव कंबोज और अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल रोकने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ताओं ने पूरे परीक्षा परिणाम को रद्द करने की मांग की है।

10 अगस्त को दिए अपने आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई तक भर्ती से जुड़ी कोई भी कार्यवाही नहीं की जाएगी। इससे पहले 28 जुलाई को दिए अंतरिम आदेश में अदालत ने कहा था कि आगे की चयन प्रक्रिया इस याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी।

अदालत में याचिकाकर्ताओं के वकील के एस डडवाल और राज्य सरकार के वकील ने अपना पक्ष और जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर तय की है।

READ ALSO  घायल चश्मदीद की गवाही सत्य मानी जानी चाहिए; जब तक संदेह न हो, नेत्रसाक्ष्य सर्वोत्तम साक्ष्य है: सुप्रीम कोर्ट

27 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त, लाखों में सौदा

यह मामला 19 जुलाई को परीक्षा के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद सुर्खियों में आया था। पंजाब पुलिस ने फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर में परीक्षा के दिन ही एक बड़े अंतरराज्यीय नकल गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने मौके से गिरोह के मुख्य साजिशकर्ताओं और कई अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था।

कार्रवाई के दौरान 27 बैटरी से चलने वाले वायरलेस नकल उपकरण, पेन कैमरे और रीयल-टाइम डिक्टेशन मशीनें बरामद की गईं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह अभ्यर्थियों से पास कराने की गारंटी के बदले 3.5 लाख रुपये से लेकर 13 लाख रुपये तक वसूल रहा था।

7 हजार उम्मीदवारों ने दी थी परीक्षा

READ ALSO  कर्नाटक हाई कोर्ट ने चुनाव याचिका मामले में विधायक कनीज़ फातिमा को नोटिस जारी किया

यह भर्ती परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए आयोजित की गई थी। इसके लिए 11 जून 2026 को विज्ञापन जारी किया गया था। 19 जुलाई को 25 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में लगभग 7,000 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

राजनीतिक घमासान और इस्तीफे की मांग

इस भर्ती घोटाले के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भी उबाल आ गया है। विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह तथा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की है।

READ ALSO  सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के विरोध प्रदर्शन की सुनवाई 19 मार्च के बाद के लिए टाली
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles