सिक्किम में 1 जून से लागू होगा ‘आनंद मैरिज एक्ट’, सिख समुदाय अब सीधे करा सकेगा अपनी शादियों का कानूनी पंजीकरण

सिक्किम में रहने वाले सिख समुदाय के लिए एक बड़ा कानूनी और सामाजिक बदलाव होने जा रहा है। आगामी 1 जून, 2026 से राज्य में ‘आनंद विवाह अधिनियम, 1909’ (Anand Marriage Act) आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस कानून के लागू होने के बाद सिख जोड़े अपनी पारंपरिक ‘आनंद कारज’ (Anand Karaj) रस्म के तहत होने वाली शादियों का सीधे इस विशेष अधिनियम के तहत पंजीकरण करा सकेंगे।

अब तक सिक्किम में स्थानीय नियमों के न होने के कारण सिख समुदाय के लोगों को अपनी शादी के पंजीकरण के लिए हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (Hindu Marriage Act) का सहारा लेना पड़ता था, जिससे अब उन्हें मुक्ति मिल जाएगी।

क्या है ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अड़चनें?

आनंद विवाह अधिनियम मूल रूप से साल 1909 में सिख विवाह परंपराओं को कानूनी मान्यता देने के लिए तैयार किया गया था। इसके बाद, साल 2012 में इस कानून में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया गया, जिसके तहत राज्यों को अपने स्तर पर इस कानून के तहत शादियों के पंजीकरण के लिए नियम और तंत्र बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

हालांकि, अधिनियम में संशोधन के बावजूद सिक्किम सहित देश के कई राज्यों ने अपने स्थानीय नियम (Rules) तैयार नहीं किए थे। इस प्रशासनिक शून्यता का नतीजा यह हुआ कि इन राज्यों में रहने वाले सिख जोड़ों के पास कानूनी पंजीकरण के लिए दो ही रास्ते बचे थे—या तो वे अपनी शादी का औपचारिक पंजीकरण न कराएं, या फिर हिंदू विवाह अधिनियम के तहत अपनी शादी को दर्ज कराएं।

सुप्रीम कोर्ट के दखल से दूर हुईं खामियां

सिख समुदाय को आ रही इस व्यावहारिक समस्या को दूर करने में न्यायपालिका ने अहम भूमिका निभाई। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अमनजोत सिंह चड्ढा बनाम भारत संघ (Amanjot Singh Chadha Vs Union of India) का मामला आया, जिसमें कानून के क्रियान्वयन में आ रही प्रशासनिक खामियों को चुनौती दी गई थी।

READ ALSO  कर्मचारियों के बकाए का भुगतान नहीं करने पर झारखंड हाईकोर्ट ने श्रम सचिव को तलब किया

सितंबर 2025 में इस मामले पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन राज्यों को कड़ी फटकार लगाई जिन्होंने अब तक नियम नहीं बनाए थे। शीर्ष अदालत ने इन राज्यों को जल्द से जल्द अपने नियम अधिसूचित करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश के अनुपालन में सिक्किम सरकार ने तत्परता दिखाते हुए ‘सिक्किम आनंद विवाह पंजीकरण नियम, 2026’ को तैयार कर अधिसूचित किया। इन स्थानीय नियमों के बनते ही सिक्किम में पंजीकरण की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया।

कानून मंत्रालय ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना

सिक्किम सरकार द्वारा नियम अधिसूचित किए जाने के बाद, केंद्रीय कानून मंत्रालय ने 14 मई, 2026 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर इस कानून को राज्य में लागू करने की तारीख तय कर दी।

READ ALSO  सुप्रीम कोर्ट: केवल अनुमानों के आधार पर ट्रिब्यूनल विशेषज्ञ की दिव्यांगता आकलन को कम नहीं कर सकता

मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार:

“केंद्र सरकार इसके द्वारा 1 जून, 2026 को उस तारीख के रूप में नियुक्त करती है, जिस दिन से सिक्किम राज्य में आनंद विवाह अधिनियम, 1909 के प्रावधान प्रभावी रूप से लागू होंगे।”

1 जून से होने वाला यह बदलाव सिक्किम के सिख समुदाय के लिए उनके धार्मिक और कानूनी अधिकारों की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

READ ALSO  एक से अधिक अपराधों में उम्रकैद की सज़ा एक साथ चलनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का लगातार सज़ा का आदेश संशोधित किया
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles