देश के सबसे बड़े हाईकोर्ट्स में से एक, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की कमी को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 वकीलों को जज के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
4 मई, 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस सिफारिश में क्षेत्र के विभिन्न कानूनी विशेषज्ञों के नामों को शामिल किया गया है।
कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित नाम
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के अनुसार, कॉलेजियम ने निम्नलिखित वकीलों की पदोन्नति को अपनी स्वीकृति दी है:
- श्री प्रविंद्र सिंह चौहान
- श्री राजेश गौर
- श्री मिंदरजीत यादव
- सुश्री मोनिका छिब्बर शर्मा
- श्री हरमीत सिंह देओल
- सुश्री पूजा चोपड़ा
- श्री सुनिश बिंदलिश
- श्री नवदीप सिंह
- सुश्री दिव्या शर्मा
- श्री रविंदर मलिक
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, जो पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए साझा हाईकोर्ट के रूप में कार्य करता है, लंबे समय से जजों के खाली पदों की समस्या से जूझ रहा है। कॉलेजियम की यह सिफारिश न्यायिक नियुक्ति प्रक्रिया का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
इस मंजूरी के बाद, इन नामों को केंद्रीय विधि और न्याय मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। सरकार द्वारा आवश्यक जांच और औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद, फाइल राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी, जिसके बाद नियुक्ति के वारंट जारी किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि इस सूची में तीन महिला वकीलों—सुश्री मोनिका छिब्बर शर्मा, सुश्री पूजा चोपड़ा और सुश्री दिव्या शर्मा—के नाम शामिल हैं, जो उच्च न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है। इन 10 नए जजों की नियुक्ति से हाईकोर्ट की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।

