सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा में कुछ आरोपियों को जमानत देते हुए पुलिस स्टेशन साफ करने का निर्देश देने वाले आदेशों पर स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले की सुनवाई आज मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ करेगी।
मामला उन हालिया रिपोर्टों के बाद सामने आया है, जिनमें कहा गया कि ओडिशा की विभिन्न अदालतों, जिनमें ओडिशा हाई कोर्ट भी शामिल है, ने आरोपियों की रिहाई के लिए जमानत आदेशों में पुलिस स्टेशन साफ करने जैसे निर्देश दिए थे।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसे कई मामले दलित और आदिवासी समुदायों से जुड़े व्यक्तियों से संबंधित थे, जो राज्य में खनन विरोधी प्रदर्शनों में शामिल थे।
रिपोर्टों के अनुसार, वेबसाइट Article 14 ने बताया है कि वर्ष 2023 से ओडिशा हाई कोर्ट और जिला अदालतों ने कम से कम आठ ऐसे जमानत आदेश पारित किए हैं, जिनमें आरोपियों को पुलिस स्टेशन साफ करने का निर्देश दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान के बाद अब ऐसे जमानत आदेशों की वैधानिकता और औचित्य न्यायिक परीक्षण के दायरे में आएंगे। शीर्ष अदालत यह देखेगी कि जमानत देते समय इस प्रकार के निर्देश न्यायिक रूप से स्वीकार्य हैं या नहीं।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष होगी।

