सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि यदि कोई कानूनी उत्तराधिकारी (Legal Representative) किसी आर्बिट्रल अवार्ड (पंचाट निर्णय) से असंतुष्ट है, तो उसके लिए उचित उपचार आर्बिट्रेशन एंड कॉन्सिलिएशन एक्ट, 1996 की धारा 34 के तहत याचिका दायर करना है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के आर्टिकल 227 या नागरिक प्रक्रिया संहिता (CPC)
