‘काल्पनिक देशों’ के फर्जी दूतावास चलाने का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हर्षवर्धन जैन को दी जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हर्षवर्धन जैन को जमानत दे दी है, जिस पर गाजियाबाद के एक किराए के घर से गैर-मौजूद और काल्पनिक देशों के “फर्जी दूतावास” संचालित करने का आरोप है। जैन, जिसने कथित तौर पर खुद को एक अंतरराष्ट्रीय राजनयिक (डिप्लोमैट) के रूप में पेश कर लोगों के साथ धोखाधड़ी की थी, पिछले साल अपनी गिरफ्तारी के बाद से जेल में था।

इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस श्रीवास्तव ने 2 अप्रैल को अपना आदेश जारी किया। कोर्ट ने मामले के तथ्यों, आरोपों की गंभीरता और साक्ष्यों की प्रकृति को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “इन सभी तथ्यों और परिस्थितियों, आरोपों की प्रकृति, दोषसिद्धि की स्थिति में सजा की तीव्रता और सहायक साक्ष्यों की प्रकृति, गवाहों के साथ छेड़छाड़ की उचित आशंका और प्रथम दृष्टया मामले पर विचार करते हुए, लेकिन मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना, जमानत का आधार बनता है।”

आदेश में आगे स्पष्ट किया गया, “तदनुसार, जमानत आवेदन को स्वीकार किया जाता है।”

यह मामला गाजियाबाद के कवि नगर इलाके का है, जहाँ हर्षवर्धन जैन ने कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वांग रचा था। उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के अनुसार, जैन खुद को वेस्टार्क्टिका (Westarctica), सबोर्गा (Saborga), पौलविया (Poulvia) और लोडोनिया (Lodonia) जैसे उन देशों का कौंसुल या राजदूत बताता था जो वास्तविकता में मौजूद ही नहीं हैं।

पुलिस की जांच में यह सामने आया कि जैन ने अपनी निजी कारों पर भी राजनयिक (डिप्लोमैटिक) नंबर प्लेटों का उपयोग किया था। आरोप है कि उसने इस फर्जी पहचान का सहारा लेकर लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने और अन्य लाभ पहुंचाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ठगी थी।

जैन को पिछले साल पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद उसे राहत प्रदान की। कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब जैन की रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है, हालांकि उसे जमानत की शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा।

READ ALSO  Allahabad High Court: Education Boards Must Issue Fresh Certificates Reflecting Gender, Name Change of Transgender Persons
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles