कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को गैर-लाभकारी संगठन ‘अंजनी पुत्र सेना’ को 26 मार्च को हावड़ा में राम नवमी शोभायात्रा निकालने की अनुमति दे दी है। हालांकि, जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसमें प्रतिभागियों की संख्या सीमित करना और हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है।
यह मामला तब हाईकोर्ट पहुँचा जब अंजनी पुत्र सेना ने याचिका दायर कर दावा किया कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें हावड़ा शहर में वार्षिक राम नवमी रैली आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि वे पिछले 25 वर्षों से लगातार इस शोभायात्रा का आयोजन करते आ रहे हैं और यह उनकी एक पुरानी परंपरा है।
यह याचिका 20 मार्च को आए एक अन्य आदेश के बाद आई है, जिसमें अदालत ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) को उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच इसी क्षेत्र में राम नवमी रैली निकालने की अनुमति दी थी।
अंजनी पुत्र सेना के वकील ने तर्क दिया कि संगठन के पास अपनी पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों को जारी रखने का मौलिक अधिकार है, जिसका वे दो दशकों से अधिक समय से पालन कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता ने शोभायात्रा का पूरी तरह से विरोध नहीं किया, लेकिन अदालत से अनुरोध किया कि अंजनी पुत्र सेना के कार्यक्रम को सुबह के समय निर्धारित किया जाए। राज्य सरकार की मुख्य चिंता यह थी कि दोपहर में होने वाली विश्व हिंदू परिषद की रैली और इस शोभायात्रा के बीच किसी भी प्रकार का सुरक्षा या कानून-व्यवस्था का टकराव न हो।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि धार्मिक अभिव्यक्ति की अनुमति है, लेकिन सद्भाव और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए उन्हें विनियमित करना आवश्यक है, विशेष रूप से तब जब एक ही तिथि और स्थान पर कई कार्यक्रम प्रस्तावित हों।
VHP की रैली के समय के साथ किसी भी टकराव को रोकने के लिए, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के लिए सुबह का समय उचित समझा। इसके अतिरिक्त, अदालत ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए आयोजन के पैमाने और प्रतिभागियों द्वारा ले जाई जाने वाली वस्तुओं की प्रकृति पर भी सीमाएं निर्धारित कीं।
जस्टिस भट्टाचार्य ने 26 मार्च को सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे के बीच शोभायात्रा निकालने की अनुमति दी है।
हाईकोर्ट के आदेश में निम्नलिखित अनिवार्य शर्तें शामिल हैं:
- प्रतिभागियों की सीमा: किसी भी समय शोभायात्रा में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 500 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- हथियारों पर प्रतिबंध: शोभायात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
- सांकेतिक वस्तुएं: प्रतिभागियों को झंडे या प्रतीकात्मक शस्त्र ले जाने की अनुमति है, बशर्ते वे केवल PVC से बने हों।
- वाहन की सीमा: रैली में केवल एक वाहन की अनुमति होगी, जिसका उपयोग विशेष रूप से झांकी और भगवान राम की मूर्ति ले जाने के लिए किया जाएगा।
अदालत ने आयोजकों को इन प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है ताकि त्योहार के दौरान हावड़ा में शांति बनी रहे।

