इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दर्ज एक मामले की वर्तमान जांच स्थिति पर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और माननीय न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने जांच में निष्पक्षता की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
याचिकाकर्ता शिव पाल यादव उर्फ सिप्पल ने आपराधिक विविध रिट याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में कौशाम्बी जिले के थाना पिपरी में केस अपराध संख्या 0170/2024 (धारा 108 बीएनएस) के तहत चल रही जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के निर्देश देने की मांग की गई थी।
मामले की पृष्ठभूमि और पक्षकारों की दलीलें
याचिकाकर्ता के वकीलों, अभय प्रताप सिंह और रजनीश कुमार ने अदालत के समक्ष यह तर्क दिया कि मामले की जांच में उचित प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। याचिकाकर्ता ने स्थानीय पुलिस की जांच प्रणाली और उसकी प्रगति को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अपर सरकारी अधिवक्ता (एजीए) ने पक्ष रखा।
न्यायालय का विश्लेषण और सख्त रुख
प्रारंभिक दलीलों को सुनने के बाद, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जांच की पवित्रता बनाए रखने के लिए सीधे जिले के पुलिस मुखिया की जवाबदेही तय की। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा:
“पुलिस अधीक्षक, कौशाम्बी द्वारा एक जवाबी हलफनामा दायर किया जाए, जो जांच की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट देने वाला उनका अपना (व्यक्तिगत) हलफनामा होगा।”
इसके अलावा, अदालत ने प्रतिवादी संख्या 1, 2 और 3 की ओर से एजीए एस.एस. तिवारी द्वारा नोटिस स्वीकार किए जाने की जानकारी दी, जबकि निजी प्रतिवादियों (संख्या 4 से 8) को तीन दिनों के भीतर नोटिस तामील करने के निर्देश दिए गए।
अदालत का फैसला और अगली कार्यवाही
न्यायालय ने इस मामले को 23 मार्च, 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है और इसे उस दिन के ‘शीर्ष तीन मामलों’ में रखने का निर्देश दिया है। आदेश के तत्काल अनुपालन के लिए रजिस्ट्रार (कम्प्लायंस) को निर्देशित किया गया है कि वे 24 घंटे के भीतर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), कौशाम्बी के माध्यम से इस आदेश की सूचना एसपी कौशाम्बी को भेजें।
केस का विवरण
केस का नाम: शिव पाल यादव उर्फ सिप्पल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और 7 अन्य
केस संख्या: क्रिमिनल मिस. रिट पिटीशन संख्या 1354/2026
पीठ: न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी
दिनांक: 9 मार्च, 2026

