दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को नगर निगम दिल्ली (MCD) को निर्देश दिया कि उत्तम नगर होली झड़प मामले से जुड़े दो मकानों के खिलाफ 11 मार्च तक कोई भी तोड़फोड़ की कार्रवाई न की जाए। यह मामला उस हिंसक झड़प से जुड़ा है जिसमें 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी।
न्यायमूर्ति अमित बंसल ने यह निर्देश जरीना और शहनाज की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया। जरीना आरोपी इमरान की मां हैं, जबकि शहनाज के बच्चों से इस मामले में पुलिस ने पूछताछ की है। दोनों याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अपने घरों को कथित “मनमानी और अवैध” तोड़फोड़ से संरक्षण देने की मांग की थी। उनके मकान उत्तम नगर की झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनी (JJ Colony) में स्थित हैं।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बंसल ने अधिकारियों से कहा कि अगले दिन सुबह 10:30 बजे तक जब तक मामला दोबारा सुना नहीं जाता, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने मामले को बुधवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत से अंतरिम राहत देने का अनुरोध किया था। वहीं, निगम की ओर से पेश वकील ने अदालत से कहा कि मामले को बुधवार को सुना जाए।
जरीना ने अपनी याचिका में कहा कि 8 मार्च को एमसीडी द्वारा आरोपी उमरदीप के परिवार के घर के एक हिस्से को तोड़े जाने से इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। उन्हें आशंका है कि बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए उनके घर पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया कि किसी आपराधिक मामले में सजा के तौर पर मकान गिराना कानूनन उचित नहीं है। किसी भी तोड़फोड़ से पहले संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस देना और उसे सुनवाई का अवसर प्रदान करना आवश्यक है।
दोनों याचिकाओं में यह भी दावा किया गया कि पड़ोसी परिवारों के बीच का एक निजी विवाद जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दे दिया गया है। साथ ही आरोप लगाया गया कि कुछ धार्मिक संगठनों और असामाजिक तत्वों की ओर से उन्हें धमकियां भी दी जा रही हैं।
दरअसल, 8 मार्च को एमसीडी ने उत्तम नगर हत्या मामले के एक आरोपी के परिवार के मकान का एक हिस्सा यह कहते हुए ढहा दिया था कि वह नाले पर अवैध रूप से बनाया गया था। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत की गई थी, इसलिए पूर्व नोटिस देना आवश्यक नहीं था।
उत्तम नगर में होली के दौरान दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के चलते झड़प हो गई थी, जिसमें 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट 11 मार्च को आगे की सुनवाई करेगा।

