झारखंड हाईकोर्ट ने मेयर पदों पर आरक्षण नीति को दी वैधता, शहरी निकाय चुनाव 23 फरवरी को

झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को मेयर पदों पर राज्य सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि आगामी नगर निकाय चुनाव तय समय पर ही होंगे।

मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता शंतनु कुमार चंद्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उसमें कोई दम नहीं है। याचिकाकर्ता ने गिरिडीह और धनबाद नगर निगमों में मेयर पदों पर आरक्षण के आधार को अनुचित और 2011 की जनगणना पर आधारित बताते हुए चुनौती दी थी।

गौरतलब है कि गिरिडीह में मेयर पद अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि धनबाद में यह पद अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है।

याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार ने पुरानी जनगणना को आधार बनाकर आरक्षण तय किया है, जिससे सामाजिक न्याय और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होगी। हालांकि, कोर्ट ने राज्य सरकार की नीति को उचित मानते हुए चुनाव में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।

अब चुनाव कार्यक्रम इस प्रकार:

  • नामांकन: 29 जनवरी से 4 फरवरी तक
  • स्क्रूटिनी: 5 फरवरी
  • नाम वापसी की आखिरी तारीख: 6 फरवरी
  • चुनाव चिह्न आवंटन: 7 फरवरी
  • मतदान: 23 फरवरी
  • मतगणना: 27 फरवरी
READ ALSO  उपभोक्ता न्यायालय ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को पीएमएवाई ब्याज सब्सिडी जारी करने और मुआवजा देने का आदेश दिया

राज्य चुनाव आयोग द्वारा वर्गीकरण:

  • श्रेणी-1: रांची, धनबाद
  • श्रेणी-2: आदित्यपुर, हजारीबाग, देवघर, गिरिडीह, मेदिनीनगर, चास, फुसरो

मतदाता आंकड़े:

  • कुल मतदाता: 43.33 लाख
    • महिला मतदाता: 21.26 लाख
  • मतदान होगा:
    • 9 नगर निगमों,
    • 20 नगर परिषदों,
    • 19 नगर पंचायतों
    • कुल 1,087 वार्डों में

इन चुनावों को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले शहरी मुद्दों और स्थानीय शासन पर जनमत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे इनका राजनीतिक महत्व और भी बढ़ गया है।

READ ALSO  हमें वस्तुतः बिना काम का कर दिया गया है- पटना हाईकोर्ट ने आपराधिक अपीलों में सरकारी वकील द्वारा सभी मामलों में स्थगन की माँग पर नाराज़गी जताई
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles