सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय में उपभोक्तावाद को भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक शासन का मूलभूत तत्व बताया है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत राज्य व जिला उपभोक्ता आयोगों में नियुक्तियों से संबंधित नियमों की वैधता की समीक्षा करते हुए कोर्ट ने केवल कानूनी त्रुटियों की ओर संकेत नहीं किया, बल्कि उपभोक्ता फोरम की
