न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की सदस्यता वाले भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा पॉलिसी की शर्त की आलोचना की, जो केवल बीमाकृत परिसर में होने वाली दुर्घटनाओं तक ही दावों को सीमित करती है, इसे “बेतुकी” करार दिया। न्यायालय ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को निर्देश दिया
