हाल ही में, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सम्मन आदेश पारित करते समय रिक्त मुद्रित प्रोफार्मा पर दिया गया आदेश अवैध और अमान्य है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ आईपीसी की धारा 308,323,324,325 और 506 के तहत दर्ज मामले में दायर चार्जशीट और न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित सम्मन आदेश और न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय द्वारा जारी परिणामी
