ज़ुबीन गर्ग मामला: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई में तेज़ी लाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का किया गठन

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने लोकप्रिय गायक ज़ुबीन गर्ग की मृत्यु के मामले में दैनिक आधार पर सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सत्र न्यायालय (Exclusive Fast-Track Sessions Court) नियुक्त किया है। यह कदम असम राज्य कैबिनेट के उस अनुरोध के बाद उठाया गया है, जिसमें गायक की मौत की जांच के लिए समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने बक्सा जिला जज शर्मिला भुइयां को इस विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट की कमान सौंपी है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए इसे “न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर” बताया है।

यह मामला 52 वर्षीय दिग्गज गायक ज़ुबीन गर्ग की मृत्यु से जुड़ा है, जिनका निधन पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर में हुआ था। वह वहां चौथे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने गए थे, जहां समुद्र में तैरते समय यह हादसा हुआ।

घटना की गंभीरता को देखते हुए असम पुलिस के सीआईडी (CID) की एक विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले की गहन छानबीन की थी। एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर स्थानीय अदालत में आरोप पत्र (chargesheet) दाखिल किया है, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पिछले महीने राज्य कैबिनेट ने हाईकोर्ट से फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री सरमा ने इस प्रशासनिक सहयोग के लिए हाईकोर्ट के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए कहा, “माननीय मुख्य न्यायाधीश, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने वर्तमान में बक्सा की जिला जज के रूप में कार्यरत श्रीमती शर्मिला भुइयां को इस मामले में दैनिक सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक सत्र न्यायालय की अध्यक्षता करने के लिए नामित किया है।”

उन्होंने आगे कहा कि इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की नियुक्ति से “न्यायिक प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी और यह समय पर न्याय सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।” साथ ही, उन्होंने मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार के प्रति उनके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद भी प्रकट किया।

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जज शर्मिला भुइयां की नियुक्ति के साथ ही अब उम्मीद है कि एसआईटी के आरोप पत्र में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों की दैनिक आधार पर जांच शुरू हो सकेगी।

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