मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में यह स्पष्ट किया है कि ट्रायल कोर्ट प्रतिवादी की औपचारिक लिखित याचिका के बिना लिखित बयान दाखिल करने की समय सीमा नहीं बढ़ा सकते। यह निर्णय न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन ने केस रमेश फ्लावर्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम श्री सुमित श्रीमल (सी.आर.पी. (एमडी) सं. 1853 और 1854,
