सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत दर्ज की गई पांच प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून के असंशोधित प्रावधानों के तहत, गैरकानूनी धर्मांतरण के कथित अपराध के लिए एफआईआर केवल पीड़ित व्यक्ति, उनके माता-पिता, भाई-बहन
