‘SUPREME’ ट्रेडमार्क विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और इंदौर में लंबित दोनों मुकदमे अहमदाबाद ट्रांसफर किए

सुप्रीम कोर्ट ने ‘SUPREME’ ट्रेडमार्क को लेकर मेसर्स द सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड और मेसर्स सुप्रीमो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच चल रहे दो मुकदमों को अहमदाबाद की सिटी सिविल कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। ये मुकदमे दिल्ली और इंदौर की अदालतों में लंबित थे।

जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने दोनों कंपनियों की ट्रांसफर याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि दोनों मामलों की सुनवाई एक ही अदालत में होनी चाहिए।

दोनों कंपनियों ने अलग-अलग अदालतों में दाखिल किए थे मुकदमे

सुप्रीमो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने इंदौर के जिला न्यायाधीश (वाणिज्यिक) की अदालत में CS (Comm) No. 134 of 2025 दाखिल किया था।

कंपनी ने सुप्रीम इंडस्ट्रीज को ‘SUPREME’ ट्रेडमार्क इस्तेमाल करने से स्थायी रूप से रोकने, विवादित उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से हटाने, संपत्तियों का विवरण देने और 15 लाख रुपये हर्जाना दिलाने की मांग की थी।

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दूसरी ओर, सुप्रीम इंडस्ट्रीज ने दिल्ली हाईकोर्ट में CS (Comm) No. 1294 of 2025 दाखिल किया।

इस मुकदमे में ट्रेडमार्क उल्लंघन, पासिंग ऑफ, ‘SUPREME’ लेबल और लोगो के कॉपीराइट उल्लंघन तथा ट्रेडमार्क की विशिष्ट पहचान कमजोर करने के खिलाफ निषेधाज्ञा मांगी गई थी।

कंपनी ने खातों का विवरण, उल्लंघन करने वाले उत्पादों को नष्ट करने, 2,00,01,000 रुपये हर्जाने और ट्रेड मार्क्स अधिनियम, 1999 की धारा 2(1)(zg) के तहत ‘SUPREME’ को प्रसिद्ध ट्रेडमार्क (Well-Known Mark) घोषित करने की भी मांग की थी।

दोनों पक्ष चाहते थे कि मुकदमा उनकी चुनी हुई अदालत में चले

सुप्रीम इंडस्ट्रीज ने इंदौर में लंबित मुकदमे को नई दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की, जबकि सुप्रीमो इंडिया ने दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित मुकदमे को इंदौर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया।

सुप्रीम कोर्ट ने पक्षकारों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल और एस. जननी की दलीलें सुनीं।

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बेंच ने पाया कि दोनों कंपनियां चाहती थीं कि दूसरी कंपनी का मुकदमा उनकी पसंद की अदालत में स्थानांतरित हो। हालांकि, दोनों पक्ष इस बात पर सहमत थे कि दोनों मामलों की सुनवाई एक ही अदालत में होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा:

“वकील कम से कम इस बात पर सहमत हैं कि दोनों मामलों की सुनवाई एक ही अदालत में होनी चाहिए।”

बेंच ने यह भी दर्ज किया कि वकीलों ने दोनों मुकदमों को किसी एक अदालत में स्थानांतरित करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दिया था।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह पक्षकारों की कुछ दलीलों पर विचार नहीं कर रहा है और विवाद के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रहा है।

अहमदाबाद की सिटी सिविल कोर्ट में होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र और विवेकाधिकार का इस्तेमाल करते हुए दोनों मुकदमों को अहमदाबाद की सिटी सिविल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया।

बेंच ने इंदौर की संबंधित अदालत और दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि वे दोनों मुकदमों के वादपत्र जल्द से जल्द अहमदाबाद भेजें।

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दोनों कंपनियों को 26 नवंबर 2026 को अहमदाबाद की सिटी सिविल कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने दोनों ट्रांसफर याचिकाओं का निपटारा कर दिया।

केस डिटेल्स

केस टाइटल: M/s The Supreme Industries Limited v. M/s Supremo India Private Limited

केस नंबर: Transfer Petition (Civil) No. 3594 of 2025 with Transfer Petition (Civil) No. 175 of 2026

पीठ: जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस एन.वी. अंजारिया

फैसले की तारीख: 28 अक्टूबर 2026

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