सावरकर मानहानि मामला: सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक समन और मामला रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने सावरकर मानहानि मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने शुक्रवार को उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत और निचली अदालत द्वारा जारी समन को रद्द कर दिया। अदालत ने यह कदम इस मामले में कानूनी रूप से आवश्यक सरकारी मंजूरी न मिलने के आधार पर उठाया।

आवश्यक मंजूरी के बिना दर्ज हुई थी शिकायत

जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे के आधार पर यह आदेश सुनाया। राज्य सरकार ने हलफनामे में स्पष्ट किया कि राहुल गांधी पर मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। अपर सॉलिसिटर जनरल और शिकायतकर्ता के वकील ने भी अदालत को बताया कि हलफनामे में मंजूरी का कोई उल्लेख नहीं है। इस पर पीठ ने कहा कि मंजूरी का अभाव होने के कारण शिकायत और मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेशों को निरस्त किया जाता है।

2022 के बयान से जुड़ा है विवाद

यह मामला 17 नवंबर 2022 का है, जब राहुल गांधी अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान महाराष्ट्र के अकोला जिले में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर को लेकर टिप्पणी की थी। इस बयान के खिलाफ अधिवक्ता नृपेंद्र पांडे ने मानहानि का केस दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी ने सावरकर का अपमान करने और उनकी छवि धूमिल करने के लिए एक तय रणनीति के तहत यह बयान दिया था।

निचली अदालत के फैसले को दी गई थी चुनौती

राहुल गांधी ने मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा जारी समन और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 4 अप्रैल 2025 को याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि राहुल गांधी सत्र न्यायालय के समक्ष समीक्षा याचिका (रिवीजन पिटीशन) दायर कर सकते हैं, इसलिए उस स्तर पर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप जरूरी नहीं है। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले को खारिज किए जाने के बाद यह कानूनी प्रक्रिया समाप्त हो गई है।

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