पंजाब में ईडी की छापेमारी पर हाईकोर्ट की सख्त निगरानी, वारंट अफसर नियुक्त कर मांगी रिपोर्ट

पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के व्यापक सर्च ऑपरेशन के बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पूरे अभियान की निगरानी के लिए वारंट अफसर नियुक्त किया है। अदालत ने वारंट अफसर को निर्देश दिया है कि वह गुरुवार दोपहर 2 बजे तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपे। हाईकोर्ट का यह निर्देश पंजाब सरकार की उस आपात याचिका पर आया, जिसमें बुधवार देर रात अदालत से केंद्रीय एजेंसी की छापेमारी में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई गई थी।

सत्येंद्र जैन के आवास से लेकर मंत्री के रिश्तेदार तक जांच का दायरा

मंगलवार से शुरू हुआ केंद्रीय जांच एजेंसी का अभियान बुधवार को और तेज हो गया। सूत्रों के अनुसार, ईडी के अधिकारियों ने बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 39 स्थित उस आवास पर तलाशी ली, जहां दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन अक्सर आकर ठहरते हैं। कार्रवाई के वक्त जैन वहां मौजूद नहीं थे, जिसके चलते अधिकारियों ने ताले तोड़कर भीतर प्रवेश किया। इसके अलावा, सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने लुधियाना जिले के साहनेवाल में पंजाब कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भतीजे के आवास पर भी तलाशी ली।

इससे पहले मंगलवार को एजेंसी ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के मुख्य कार्यालय, आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विकास गर्ग के ठिकानों और दिल्ली की एक रियल एस्टेट कंपनी के दफ्तरों पर एक साथ छापेमारी की थी।

100 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय नुकसान की जांच

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मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला रियल एस्टेट डेवलपर कंपनी तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स, उससे जुड़ी अन्य इकाइयों और उनके प्रमोटरों व निदेशकों से संबंधित है। केंद्रीय एजेंसी उन आरोपों की जांच कर रही है जिनके तहत कंपनी ने मोहाली में गमाडा की दो प्रमुख व्यावसायिक नीलामी साइट्स हासिल कीं और बाद में प्राधिकरण को देय बकाया राशि पर भारी वित्तीय रियायतें प्राप्त कर लीं।

ईडी का आकलन है कि इन रियायतों से डेवलपर्स को भारी अनुचित लाभ हुआ और पंजाब के सरकारी खजाने को 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचा। इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के संदेह में एक कंसल्टेंसी फर्म के परिसरों पर भी छापा मारा गया। इसके साथ ही एजेंसी गमाडा में बिल्डरों को दिए गए आवंटनों, ब्याज माफी और एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (बाहरी विकास शुल्क) से जुड़ी अन्य फाइलों की भी छानबीन कर रही है। इससे पहले वर्ष 2023 में भी तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स के खिलाफ 290 करोड़ रुपये के कथित बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में ईडी और सीबीआई संयुक्त जांच कर चुकी हैं।

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आम आदमी पार्टी ने लगाया राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप

ईडी की इस कार्रवाई पर पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) ने तीखा पलटवार किया है। पार्टी ने बुधवार को जारी एक बयान में आरोप लगाया कि राज्य में अपना राजनीतिक जनाधार खो चुकी भारतीय जनता पार्टी अब केंद्रीय जांच एजेंसियों का सहारा लेकर पंजाब के लोगों और नेताओं को डराने का प्रयास कर रही है।

आप ने कहा कि इस अभियान का मकसद गमाडा के कामकाज को बाधित करना और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में अड़चनें पैदा करना है। पार्टी ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का दबाव बनाकर पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या बीजेपी के लिए राजनीतिक समर्थन तैयार नहीं किया जा सकता।

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