370 रुपये की बिरयानी टिप्पणी विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन प्रणित मोरे की एफआईआर क्लब करने की याचिका पर केंद्र, महाराष्ट्र और हरियाणा से मांगा जवाब

गुरुग्राम के एक शो के दौरान ‘370 रुपये की बिरयानी’ को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे को सुप्रीम कोर्ट से फौरी प्रक्रियात्मक राहत की उम्मीद जगी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मोरे की उस याचिका पर केंद्र सरकार के साथ-साथ महाराष्ट्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों (एफआईआर) को एक साथ जोड़ने की गुहार लगाई गई है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने मोरे के वकील की दलीलों को सुनने के बाद यह नोटिस जारी किया।

मुंबई केस के साथ मामला जोड़ने की गुहार

सुनवाई के दौरान मोरे के कानूनी सलाहकार ने पीठ को अवगत कराया कि कॉमेडियन मुकदमे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि गुरुग्राम में दर्ज एफआईआर को मुंबई में दर्ज मामले के साथ क्लब कर दिया जाए ताकि उन्हें अलग-अलग राज्यों में कानूनी प्रक्रिया न झेलनी पड़े।

वकील ने पीठ को बताया कि मोरे ने स्थिति की संवेदनशीलता और गंभीरता को समझते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) सहित सभी सार्वजनिक मंचों पर बिना शर्त माफी मांग ली है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि मोरे उस कार्यक्रम में केवल होस्ट की भूमिका में थे। जैसे ही उन्हें मामले की गंभीरता का अहसास हुआ, उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज होने से पहले ही अपने स्तर पर संबंधित वीडियो इंटरनेट से हटा दिया था। वकील ने स्पष्ट किया कि जब यह वीडियो अपलोड हुआ, तब मोरे यात्रा कर रहे थे और उनकी पीआर टीम ने उनकी पूर्व अनुमति लिए बिना इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था।

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विवाद की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद गुरुग्राम में आयोजित एक लाइव कॉमेडी शो के दौरान शुरू हुआ था। शो में दर्शक दीर्घा में मौजूद वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने अपनी एक डेट का वाकया साझा किया। जांगड़ा ने बताया कि उन्होंने एक डेट पर 370 रुपये की चिकन बिरयानी खिलाई थी। इसके बाद जब युवती ने उनसे घर छोड़ने का अनुरोध किया, तो उन्होंने बिरयानी पर खर्च किए गए पैसों के बदले शारीरिक संबंध बनाने की मांग रख दी।

इस बातचीत का वीडियो क्लिप जब ऑनलाइन सामने आया, तो उसमें प्रणित मोरे जांगड़ा के इस बयान पर हंसते हुए नजर आए।

सोशल मीडिया पर आक्रोश और कानूनी कार्रवाई

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वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस टिप्पणी की तीखी निंदा की। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति बेहद असंवेदनशील, अपमानजनक और अश्लील करार दिया। इसके साथ ही, मंच पर मौजूद प्रणित मोरे द्वारा आपत्ति जताने के बजाय हंसने को लेकर भी उनकी कड़ी आलोचना की गई।

सार्वजनिक आक्रोश बढ़ने के बाद प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा दोनों ने ही अपनी हरकतों के लिए औपचारिक माफी मांगी। इस बीच जांगड़ा ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी निष्क्रिय कर दिया।

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इस घटना का जांगड़ा के पेशेवर जीवन पर भी तत्काल असर पड़ा। गुरुग्राम स्थित टेक एजेंसी स्टारविक डिजाइन ने विवाद बढ़ते ही अपने वेब डेवलपर जांगड़ा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। कंपनी के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो बयान जारी कर जांगड़ा की बर्खास्तगी की पुष्टि की।

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