सुप्रीम कोर्ट ने बिहार मतदाता सूची में त्रुटियों को ठीक करने की उम्मीद जताई, 4 नवंबर को कानूनी मुद्दों पर होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह उम्मीद करता है कि निर्वाचन आयोग (ECI) बिहार की अंतिम मतदाता सूची में हुई टंकण त्रुटियों और अन्य गलतियों को एक जिम्मेदार संस्था के रूप में देखेगा और उन्हें सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। यह सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के बाद तैयार की गई है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्य बागची की पीठ ने कहा कि बिहार में SIR प्रक्रिया से जुड़े कानूनी मुद्दों पर 4 नवंबर को सुनवाई की जाएगी।

सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया कि 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद से अब तक किसी भी मतदाता ने नाम विलोपन के खिलाफ एक भी अपील दाखिल नहीं की है। आयोग ने कहा कि मतदाता सूची में जो परिवर्तन हुए हैं, वे मृत्यु, पलायन और डुप्लिकेट नामों को हटाने जैसी वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत किए गए हैं।

गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने आयोग के दावों को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जिस मतदाता का नाम अंतिम सूची में नहीं जुड़ने को आयोग ने 7 अक्टूबर की सुनवाई में “फर्जी” बताया था, वह दावा वास्तव में सही निकला।

भूषण ने अदालत से आग्रह किया कि आयोग को यह खुलासा करने का निर्देश दिया जाए कि कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए और किस आधार पर, ताकि पूरे पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

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पीठ ने नोट किया कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण में मतदान होना है, वहां मतदाता सूची 17 अक्टूबर को फ्रीज़ हो जाएगी, जबकि दूसरे चरण के निर्वाचन क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 20 अक्टूबर को पूरी होगी।

अदालत ने यह भी याद दिलाया कि 7 अक्टूबर को आयोग से 3.66 लाख मतदाताओं के नामों का ब्योरा मांगा गया था जो मसौदा सूची में थे, लेकिन अंतिम सूची से हटा दिए गए। अदालत ने कहा था कि इस मामले में “भ्रम” की स्थिति बनी हुई है।

30 सितंबर को आयोग ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी, जिसमें मतदाताओं की कुल संख्या में भारी कमी दर्ज की गई। विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले मतदाताओं की संख्या 7.89 करोड़ थी, जो घटकर 7.42 करोड़ रह गई — यानी लगभग 47 लाख की कमी

1 अगस्त को जारी मसौदा सूची में पहले ही 65 लाख नाम हटाए गए थे और 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए थे। बाद के संशोधनों में 17.87 लाख नए नाम जुड़ने से अंतिम सूची में संख्या बढ़ी, लेकिन यह अब भी मूल सूची से काफी कम है।

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बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे:

  • 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान
  • 11 नवंबर को शेष 122 सीटों पर मतदान

मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।

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