शिलांग एयरपोर्ट विस्तार परियोजना: मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट को बताया—AAI को सौंप दी गई आवश्यक भूमि

मेघालय सरकार ने गुरुवार को मेघालय हाईकोर्ट को बताया कि शिलांग एयरपोर्ट के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि पिछले सप्ताह भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को सौंप दी गई है। यह जानकारी एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान अदालत में दायर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) में दी गई।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के लिए आवश्यक भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 22 एकड़ भूमि पहले 28 जनवरी को परिवहन विभाग को सौंपी गई थी। इसके बाद इस भूमि को 6 मार्च को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को हस्तांतरित कर दिया गया।

इसके अलावा, परियोजना के लिए जरूरी 10.30 एकड़ रक्षा भूमि भी संबंधित प्राधिकरण द्वारा 27 फरवरी को एक समझौता ज्ञापन के तहत परिवहन विभाग को सौंप दी गई थी। यह भूमि भी बाद में 6 मार्च को सभी बाधाओं से मुक्त अवस्था में AAI को दे दी गई।

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रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रक्षा भूमि के बदले परिवहन विभाग ने 7.72 एकड़ भूमि डिफेंस एस्टेट ऑफिसर, गुवाहाटी सर्कल को 6 मार्च को ही प्रदान की।

सुनवाई के दौरान भारत सरकार के उप-महान्यायवादी डॉ. एन मोजिका ने अदालत को बताया कि परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार से पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करनी होंगी, जिसके लिए कुछ समय लगेगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 27 जनवरी को शिलांग एयरपोर्ट के विस्तार और उससे संबंधित कार्यों के लिए कॉन्सेप्ट और डिजाइन स्तर की मंजूरी दे दी है। इसके बाद AAI आवश्यक दस्तावेजों के साथ क्रियान्वयन स्तर की मंजूरी के लिए आवेदन करेगा।

मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति डब्ल्यू डिएंगडोह की खंडपीठ ने उप-महान्यायवादी से कहा कि वह DGCA से यह जानकारी प्राप्त करें कि क्रियान्वयन स्तर की मंजूरी मिलने में कितना समय लगेगा।

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अदालत ने मेघालय सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता के. खान को भी निर्देश दिया कि वे राज्य सरकार से पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने की संभावित समय-सीमा के बारे में अदालत को अवगत कराएं, ताकि परियोजना की प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

इस मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को निर्धारित की गई है।

शिलांग एयरपोर्ट के विस्तार की योजना कई वर्षों से विचाराधीन है। इस परियोजना का उद्देश्य रनवे का विस्तार कर बड़े विमानों के संचालन को संभव बनाना और एयरपोर्ट से जुड़ी अन्य आवश्यक अवसंरचना विकसित करना है, जिससे मेघालय की हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा सके।

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