राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिसमें पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर सुनवाई की गई जिसमें उन्होंने ‘राम सेतु’ को शीघ्र राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का निर्देश देने की मांग की है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने स्वामी की दलील सुनने पर सहमति जताई और केंद्र से जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है।

स्वामी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि ‘राम सेतु’ का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्व है और सरकार को इस संबंध में त्वरित निर्णय लेना चाहिए।

‘राम सेतु’, जिसे ‘एडम्स ब्रिज’ भी कहा जाता है, चूना पत्थर की शृंखलाबद्ध चट्टानों से बना है जो तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट पर पंबन द्वीप से लेकर श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट पर मन्नार द्वीप तक फैला हुआ है। यह संरचना दशकों से राजनीतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय बहस का विषय रही है, विशेषकर सेतुसमुद्रम शिपिंग नहर परियोजना के संदर्भ में।

अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद केंद्र सरकार पर यह जिम्मेदारी है कि वह अदालत को स्पष्ट करे कि ‘राम सेतु’ को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने पर उसका रुख क्या है।

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