सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की मेडिकल रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस को न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया, जो वर्तमान में आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत दर्ज मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं।

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू को एक सप्ताह के भीतर जेल के चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट सौंपने को कहा।

यह निर्देश तब आया जब पुरकायस्थ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल की चिकित्सीय स्थिति अच्छी नहीं है और अदालत को जेल अधिकारियों से रिपोर्ट भेजनी चाहिए।

सिब्बल ने कहा, “समय बीतता जा रहा है लेकिन मुझे खबर नहीं मिल रही है। हम अभी केवल यही चाहते हैं कि अदालत जेल अधीक्षक से मेडिकल रिपोर्ट मांगे। वह व्यक्ति 74 साल का है और बहुत मुश्किल में है।” .

जेल के चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट के लिए सिब्बल की प्रार्थना का विरोध करते हुए एएसजी ने कहा कि उन्हें एम्स से उचित रिपोर्ट मिलेगी।

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शीर्ष अदालत ने राजू की आपत्ति पर नाराजगी व्यक्त की और उनसे कहा, “आपकी ओर से ऐसा बयान आना आश्चर्यजनक है। अगर आपको अपने ही अधिकारी पर भरोसा नहीं है, तो उन्हें हटा दें या उनके खिलाफ कार्रवाई करें। अगर आप इतने साहसी हैं तो कार्रवाई करें।” , अपने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। यह आपकी और प्रशासन की अक्षमता को दर्शाता है।”

एएसजी ने कहा कि वह किसी विशेष अधिकारी पर आक्षेप नहीं लगा रहे हैं।

शीर्ष अदालत ने एएसजी को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया और सुनवाई 27 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी।

न्यूज़क्लिक के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती ने पहले आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली थी।

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इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली की एक अदालत ने चक्रवर्ती को चीन समर्थक प्रचार प्रसार के लिए धन प्राप्त करने के आरोप में यूएपीए के तहत समाचार पोर्टल के खिलाफ दर्ज मामले में सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी थी।

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दिल्ली हाई कोर्ट ने 13 अक्टूबर को मामले में गिरफ्तारी और उसके बाद पुलिस रिमांड के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी थी। दोनों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था.

एफआईआर के अनुसार, समाचार पोर्टल को भारी धनराशि कथित तौर पर “भारत की संप्रभुता को बाधित करने” और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के लिए चीन से आई थी।

इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि पुरकायस्थ ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए एक समूह – पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (पीएडीएस) के साथ साजिश रची।

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