न्यूज़क्लिक विवाद, दिल्ली हाई कोर्ट प्रबीर पुरकायस्थ, अमित चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया

दिल्ली हाई कोर्ट शुक्रवार को आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए के तहत दर्ज एक मामले में न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के खिलाफ एक याचिका पर दिन में सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया।

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा तत्काल सुनवाई के लिए मामले का उल्लेख किया गया था।

वरिष्ठ वकील ने पीठ से मामले को आज ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आग्रह करते हुए कहा, “यह न्यूज़क्लिक मामला है। गिरफ्तारी अवैध रूप से और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उल्लंघन करके की गई है।”

“ठीक है,” पीठ ने जवाब दिया, जिसमें न्यायमूर्ति संजीव नरूला भी शामिल थे।

पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने दिल्ली में न्यूज़क्लिक के कार्यालय को सील कर दिया है। पोर्टल पर चीन समर्थक प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया गया है।

READ ALSO  Can Mother in Law Seek Eviction of Daughter in Law From Shared Household? Answers Delhi HC

Also Read

READ ALSO  हाई कोर्ट ने दिल्ली विधानसभा से सात भाजपा विधायकों का निलंबन रद्द कर दिया

हाई कोर्ट के समक्ष उनकी याचिकाओं में उनकी गिरफ्तारी, उसके बाद 7 दिन की पुलिस रिमांड और साथ ही दिल्ली पुलिस की एफआईआर पर सवाल उठाया गया है।

गुरुवार को, यहां की एक ट्रायल कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के 2016 के आदेश और दिल्ली हाई कोर्ट के 2010 के आदेश का हवाला देते हुए शहर पुलिस को दोनों को एफआईआर की एक प्रति प्रदान करने का निर्देश दिया था।

पुलिस ने कहा कि एफआईआर में नामित और डेटा के विश्लेषण में सामने आए संदिग्धों पर मंगलवार को दिल्ली में 88 और अन्य राज्यों में सात स्थानों पर छापेमारी की गई।

READ ALSO  Frivolous and Motivated Petitions Filed Under Guise of Public Interest Liable to be Discouraged: Chhattisgarh High Court Imposes ₹50,000 Cost for Misusing Process

मंगलवार को कुल 46 पत्रकारों और न्यूज़क्लिक के योगदानकर्ताओं से पूछताछ की गई और उनके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जब्त कर लिए गए।

भारतीय महिला प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी), पीसीआई और डिजीपब न्यूज इंडिया फाउंडेशन सहित प्रमुख पत्रकार निकायों ने इस मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ से हस्तक्षेप की मांग की है।

Related Articles

Latest Articles