NEET UG 2026: इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, यूपी में NCC ‘B’ सर्टिफिकेट धारकों को मिलेगा 1 प्रतिशत आरक्षण

उत्तर प्रदेश में मेडिकल की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट से एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि वह स्नातक (undergraduate) मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नेशनल कैडेट कोर (NCC) के ‘B’ सर्टिफिकेट धारक अभ्यर्थियों को 1 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्रदान करे।

जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने मंगलवार को यह ऐतिहासिक आदेश जारी किया। इसके साथ ही, कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को निर्देश दिया है कि वह पुनर्निर्धारित होने वाली नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा से पहले सभी योग्य उम्मीदवारों को ईमेल के जरिए सूचित करे, ताकि वे पोर्टल पर अपने सर्टिफिकेट अपलोड कर सकें।

यह आदेश नीट-यूजी 2026 परीक्षा में शामिल हो रहे छात्र सक्षम श्रीवास्तव द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आया है। कोर्ट ने इस याचिका का निपटारा करते हुए छात्रों के पक्ष में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।

पुराना नियम था “अव्यावहारिक और भ्रामक”

इससे पहले उत्तर प्रदेश में नियम यह था कि केवल NCC के ‘C’ सर्टिफिकेट धारक उम्मीदवारों को ही इस 1 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता था। हाई कोर्ट ने इस नीति की विसंगति को पकड़ते हुए इसे पूरी तरह अव्यावहारिक बताया।

दरअसल, एनसीसी के नियमों के अनुसार, ‘C’ सर्टिफिकेट आमतौर पर छात्र को स्नातक (Graduation) स्तर की पढ़ाई के दौरान या उसके बाद ही प्राप्त होता है। ऐसे में किसी छात्र से स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए पहले ही कॉलेज-स्तरीय योग्यता (C सर्टिफिकेट) की मांग करना पूरी तरह से अतार्किक था।

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राज्य सरकार की इस नीति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट की पीठ ने कहा:

“हमें ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य में प्रदान किया गया यह आरक्षण केवल दिखावटी या भ्रामक है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश चाहने वाले उम्मीदवार से ‘C’ ग्रेड का सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जा रही है—एक ऐसा सर्टिफिकेट जो केवल स्नातक होने पर ही प्राप्त किया जा सकता है। यह शर्त इस आरक्षण के पूरे उद्देश्य को ही निरर्थक और अव्यावहारिक बना देती है।”

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NTA को तुरंत कदम उठाने के निर्देश

हाई कोर्ट ने सुनिश्चित किया है कि फैसले के समय के कारण कोई भी योग्य छात्र इस लाभ से वंचित न रह जाए। इसके लिए अदालत ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को सक्रिय कदम उठाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

चूँकि नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पुनर्निर्धारित (rescheduled) किया गया है, इसलिए कोर्ट ने NTA से कहा है कि वे तत्काल सभी उम्मीदवारों से ईमेल के माध्यम से संपर्क करें। इस ईमेल के जरिए छात्रों को अपने एनसीसी ‘B’ सर्टिफिकेट आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि आगामी काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया में उन्हें इस आरक्षण का लाभ मिल सके।

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