हाईकोर्ट का निर्णय फैमिली पेंशन का फायदा बिना देरी के दिया जाय

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है कि फैमिली पेंशन का लाभ बिना देरी करे दिया जाय और साथ ही साथ एरियर्स और इंक्रीमेंट का लाभ भी दिया जाय।

इस याचिका पर हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि निर्धारित समय सीमा में ऐसा न किये जाने पर व्याज सहित राशि का भुगतान करना पड़ेगा।

हाइकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि फैमिली पेंशन का प्रावधान इसी मंशा से किया गया है कि परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाने पर परिवार आर्थिक तंगी से न गुजरे।

हाइकोर्ट के जस्टिस सुजय पाल के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

Read Also

याचिकाकर्ता रंजना तिवारी की तरफ से अपना पक्ष रखा गया। दलील में कहा गया कि याचिकाकर्ता के पिता शासकीय कर्मी थे।

उनका देहांत हो जाने के बाद याची की माँ को फैमिली पेंशन का लाभ मिला। माँ के गुजर जाने के बाद याची ने फैमिली पेंशन के लिए आवेदन किया।

लेकिन फैमिली पेंशन देने से इनकार कर दिया गया। इसलिए हाइकोर्ट का सहारा लेना पड़ा।

याचिकाकर्ता की तरफ से दलील दी गई कि 55 वर्ष की होने के साथ दिव्यांग है। ऐसे में उसका आवेदन अस्वीकार करना अनुचित है।

हाइकोर्ट ने पूरे मामले को संज्ञान में लेने के बाद याचिकाकर्ता के पक्ष में राहतकारी आदेश पारित कर दिया।

पिता और माँ के गुजर जाने के बाद दिव्यांग बेटी को मिला फैमिली पेंशन का लाभ एक नाजिर की तरह रेखांकित करने योग्य है।

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles