मंदिर के भ्रष्ट अधिकारी को मद्रास हाई कोर्ट ने बेमन दी राहत

तमिलनाडु-एक मंदिर के भ्रष्ट अधिकारी को मद्रास हाई कोर्ट ने भारी मन से राहत प्रदान की है। इस अधिकारी के कारण मंदिर के राजस्व को काफी क्षति पहुँची है।हाई कोर्ट के जस्टिस एस वैधनाथन ने नियमों के प्रावधान के मद्देनजर यह राहत दी है।

मद्रास हाई कोर्ट ने भ्रष्ट अधिकारी का साथ देने वाले उच्च तबके के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है। एक्जीक्यूटिव ऑफिसर ग्रेड वन आर मुथुसामी ने तीन अगस्त 2020 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्त योजना के तहत सर्वानिवृति के लिए आवेदन किया था और नियमो के मुताबिक इस तीन माह के भीतर मंजूर या खारिज किया जाना चाहिए था।

इसके लिए अंतिम तारीख चार नवंबर थी किन्तु उंसके आवेदन को पांच नवंबर 2020 को खारिज किया । संबंधित अधिकारियों ने आवेदन पर 12 नवंबर को हस्ताक्षर किए और उसे 31 अक्टूबर 2020 को सर्वानिवृत होने की अनुमति प्रदान की गई।

उसने पांच नवंबर के आदेश को खारिज औऱ अपनी सेवानिवृत को सेवा से 31 अक्टूबर ही मानने एंव रिटायर्ड होने के बाद मिलने वाली सुविधाओं में बहाली के लिए याचिका दाखिल की । संबंधित नियमो को ध्यान में रखते हुए न्यायाधीश ने मुथुसामी की याचिका को मंजूर करते हुए पांच नवंबर के आदेश को खारिज कर दिया। 

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न्यायमूर्ति ने अपने आदेश में कहा कि मुथुसामी द्वारा कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएं बरती गई लेकिन विभाग को आखरी वक्त तक उंसके आवेदन को रद्द करने के लिए प्रतीक्षा नही करना चाहिए था। जज ने कहा कि बिना उच्च तबके के अधिकारियों की मदद के याचिकाकर्ता के लिए वित्तीय अनियमितताएं करना संभव नही था। उनकी इस करतूतों से मंदिर की संपत्ति और राजस्व को नुकसान पहुँचा।

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