₹100 करोड़ की संपत्ति का अंतर: TVK प्रमुख विजय के चुनावी हलफनामे पर मद्रास हाईकोर्ट ने आयकर विभाग से मांगा जवाब

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय द्वारा विधानसभा चुनाव के नामांकन पत्रों में दी गई संपत्ति की जानकारी में भारी विसंगति के मामले में आयकर (I-T) विभाग को नोटिस जारी किया है।

मुख्य न्यायाधीश एस. जे. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुलमुरुगन की खंडपीठ ने दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में संपत्ति के मूल्यांकन में लगभग ₹100 करोड़ के अंतर को “गंभीर अनियमितता” (serious irregularity) करार दिया है।

यह कानूनी चुनौती पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र के निवासी और मतदाता वी. विग्नेश द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की थी कि अभिनेता से राजनेता बने विजय द्वारा पेश किए गए “विरोधाभासी” वित्तीय खुलासों की जांच के लिए आयकर अधिकारियों और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को निर्देश दिए जाएं।

विजय 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में तिरुचिरापल्ली (पूर्व) और पेरम्बूर, इन दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव संचालन नियमों के तहत, उम्मीदवारों को फॉर्म-26 शपथ पत्र में अपनी संपत्ति, देनदारियों और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होता है।

याचिकाकर्ता के अनुसार, विजय द्वारा दाखिल किए गए दोनों शपथ पत्रों में दिए गए वित्तीय आंकड़े आपस में मेल नहीं खाते हैं। याचिका में निम्नलिखित आंकड़ों का उल्लेख किया गया है:

  • पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र: कुल संपत्ति का मूल्य ₹115.13 करोड़ घोषित।
  • तिरुचिरापल्ली पूर्व निर्वाचन क्षेत्र: कुल संपत्ति का मूल्य ₹220.15 करोड़ घोषित।
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याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि ₹100 करोड़ से अधिक का यह अंतर “तथ्यों को जानबूझकर छिपाने” के समान है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की विसंगतियां संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत मतदाता के उस मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती हैं, जिसमें उन्हें उम्मीदवार के बारे में सच्चाई जानने का हक है।

याचिका में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि मतदान से पहले इन वित्तीय विवरणां, आय के स्रोतों और वैधानिक कॉर्पोरेट फाइलिंग की जांच नहीं की गई, तो मतदाता “भ्रामक जानकारी” के आधार पर निर्णय लेने को मजबूर होंगे।

प्रारंभिक सुनवाई के दौरान, खंडपीठ ने संपत्ति के मूल्यांकन में इतने बड़े अंतर पर संज्ञान लिया। कोर्ट ने कहा कि एक ही चुनाव चक्र के लिए दो अलग-अलग हलफनामों में इतने बड़े स्तर का अंतर एक गंभीर चिंता का विषय है।

कोर्ट ने अब आयकर विभाग को इन कथित विसंगतियों के संबंध में अपना औपचारिक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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कोर्ट के बाहर इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए TVK नेता सी.टी.आर. निर्मल कुमार ने आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह याचिका पूरी तरह से “गलत जानकारी” पर आधारित है। कुमार ने संवाददाताओं से कहा:

“यह मामला पूरी तरह से गलत आंकड़ों के आधार पर दर्ज किया गया है। हम मांग करते हैं कि इस मामले को तत्काल खारिज किया जाए।”

मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई है।

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