जस्टिस शील नागू की सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के बाद जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा बने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश

देश की न्यायपालिका से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया है। उनके स्थान पर अब केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीशों में से एक, जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) नियुक्त किया है।

केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा सोमवार को इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई।

“भारतीय संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के परिणामस्वरूप, वहां के न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को उस हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के कर्तव्यों का पालन करने के लिए नियुक्त करती हैं…” — भारत सरकार की अधिसूचना, दिनांक 1 जून, 2026

संविधान का अनुच्छेद 223 राष्ट्रपति को यह अधिकार देता है कि जब किसी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद खाली हो, तो वहां के किसी अन्य न्यायाधीश को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जा सके।

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा का न्यायिक सफर

जस्टिस मिश्रा के पास तीन दशकों से अधिक का समृद्ध कानूनी और न्यायिक अनुभव है:

  • शिक्षा और शुरुआती करियर: 16 नवंबर 1968 को जन्मे जस्टिस मिश्रा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित किरोड़ीमल कॉलेज से इकोनॉमिक्स (ऑनर्स) में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के ही कैंपस लॉ सेंटर से कानून की डिग्री हासिल की। मई 1993 में एक वकील के रूप में पंजीकृत होने के बाद, उन्होंने मुख्य रूप से सिविल, संवैधानिक और सेवा मामलों (Service Laws) में वकालत की।
  • न्यायिक करियर: साल 2013 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) के रूप में नामित किया गया। इसके बाद, 3 फरवरी 2014 को वे इलाहाबाद हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 1 फरवरी 2016 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया।
  • तबादला: इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक दशक से अधिक समय तक सेवा देने के बाद, उन्हें पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उन्होंने 21 जुलाई 2025 को शपथ ग्रहण की थी।
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सुप्रीम कोर्ट में बड़ा फेरबदल

यह नियुक्ति देश की शीर्ष अदालत में चल रहे बड़े बदलावों का हिस्सा है। राष्ट्रपति ने सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दी है, जिनमें जस्टिस शील नागू भी शामिल हैं। जस्टिस नागू जुलाई 2024 से पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के 36वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।

इन पांच नई नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कार्यशील संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जो इसकी हाल ही में बढ़ाई गई स्वीकृत क्षमता (38) से केवल एक कम है। जस्टिस शील नागू 2 जून 2026 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे, जिसके साथ ही पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के प्रमुख के रूप में जस्टिस मिश्रा का कार्यकाल औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।

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