हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुछ व्यक्तियों द्वारा निहित स्वार्थों के लिए आपराधिक न्याय मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है; अदालतों को सतर्क रहना होगा. न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ धारा 482 के तहत अभियुक्त-अपीलकर्ताओं द्वारा दायर आवेदनों को खारिज करने वाले इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा
