“जांच में लापरवाही”: लापता युवती के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने दी सीबीआई जांच की चेतावनी; बोकारो एसपी तलब

झारखंड के बोकारो जिले से पिछले सात महीनों से लापता एक 18 वर्षीय युवती का पता लगाने में पुलिस की कथित निष्क्रियता और प्रक्रियात्मक देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने बोकारो के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है, ताकि वे जांच में हुई चूक और अत्यधिक देरी पर स्पष्टीकरण दे सकें।

हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को चेतावनी दी कि यदि मामले की जांच “सतही” (perfunctory) पाई गई, तो इस केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जा सकती है।

यह मामला पीड़िता की मां रेखा देवी द्वारा हाईकोर्ट में दायर एक याचिका के माध्यम से सामने आया। याचिका के अनुसार, रेखा देवी की 18 वर्षीय बेटी 31 जुलाई, 2025 से लापता है।

याचिकाकर्ता ने कानूनी प्रक्रिया में आने वाली शुरुआती बाधाओं को उजागर किया। बेटी के गायब होने के बाद, रेखा देवी ने बोकारो के पिंड्राजोरा थाने में ‘सनहा’ (सूचना) दर्ज कराई थी। हालांकि, युवती का कोई सुराग न मिलने के बावजूद, स्थानीय पुलिस को औपचारिक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने में 10 दिन का समय लग गया।

शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान, खंडपीठ ने बोकारो पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से एसपी से पूछा कि एफआईआर दर्ज करने में 10 दिनों की देरी के लिए पिंड्राजोरा थाना प्रभारी (ओसी) के खिलाफ क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

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पिछले सात महीनों में जांच में कोई ठोस प्रगति न होने पर खंडपीठ ने असंतोष व्यक्त किया। जजों ने बोकारो एसपी को निर्देश दिया कि वे पूरी केस डायरी पेश करें और एफआईआर दर्ज होने के बाद से जांच टीम द्वारा उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण दें।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टिप्पणी की, “अदालत को यह जानने की जरूरत है कि जुलाई 2025 से लापता युवती का पता लगाने के लिए पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।”

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झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो एसपी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जांच की समयरेखा को स्पष्ट करने और कथित लापरवाही का जवाब देने का आदेश दिया है। सीबीआई जांच की चेतावनी यह दर्शाती है कि न्यायपालिका इस मामले में एक गंभीर और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करना चाहती है।

इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को निर्धारित की गई है।

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