हिंदू कानून के अंतर्गत उत्तराधिकार अधिकारों से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय में, उड़ीसा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि अमान्य (void) विवाहों से जन्मे बच्चों को अपने पिता की पैतृक संपत्ति और स्वयं अर्जित संपत्ति दोनों में उत्तराधिकार का अधिकार प्राप्त है, बशर्ते कि पैतृक संपत्ति में उनका हिस्सा उतना ही होगा जितना उनके
