चीफ जस्टिस ने Court में मंगवा दिया गुटखा, सरकार से पूछा ये कैसा प्रतिबंध

2 अक्टूबर 2008 से सार्वजनिक स्थान पर स्मोकिंग प्रतिबंधित है, मगर आज भी आपको लोग पब्लिक प्लेस में स्मोक करते , गुटखा, पान मसाला खाते हुए दिख जायेंगेI

हाल है में झारखंड हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी।

इस याचिका की सुनवाई के दौरान उस समय खामोशी छा गई, जब चीफ जस्टिस ने ही ही गुटखा मंगवाकर सरकार के गुटखा और पान मसाला की बिक्री पर प्रतिबंध के हवाई दावे की पोल खोल दी।

कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा कि ये कैसा प्रतिबंध है, यहॉ तो सब खुले मे बिक रहा है।

पहले भी इसी मामले में हाईकोर्ट ने कहा था कि जब कानून का पालन नहीं करवाया जा सकता तो ऐसे कानून बनते ही क्यों हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार को सिर्फ कागज में ही काम नहीं करना चाहिए।

जमीनी हकीकत से सरकार को अंजान नहीं बनना चाहिए।

हाईकोर्ट ने सरकार को अगली तारिख तक गुटखा बिक्री पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है।

साथ ही इससे संबंधित शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश भी सरकार को मिला है

हाईकोर्ट ने कहा कि शपथपत्र पूरी तरह से स्पष्ट होना चाहिए। और यह भी लिखा होना चाहिए कि राज्य-झारखण्ड में गुटखा की बिक्री अब कहीं नहीं हो रही है।

सरकार से पूंछा गया कि जब 2017 से राज्य में गुटखे की बिक्री पर प्रतिबंध है, तो इसकी बिक्री कैसे हो रही है।

हाईकोर्ट ने कहा किगुटखा का सेवन करने से बीमार हो रहे लोगों की संख्या रोज बढती जा रही है।

गुटखा नशा सस्ता मौत महंगी


झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकारी अफसर से पूछा –

कि प्रतिबंधित होने के बाद भी गुटखा बाजार में क्यों बिक रहा है?

तो सचिव ने कहा कि राज्य में गुटखे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है

चीफ जस्टिस ने असंतोष जताते हुए हाईकोर्ट के एक कर्मचारी को बाजार भेजकर गुटखा लाने को कहा।

10 मिनट में ही कर्मचारी ने 5-6 ब्रांड का गुटखा लाकर कोर्ट के सामने रख दिया। इस पर अदालत ने सचिव से पूछा कि यह कैसा प्रतिबंध है, आप खुद देख लीजिए।

इसके बाद विशेष सचिव ने आश्वस्त किया कि इसकी जांच कर अविलंब कार्रवाई की जाएगी।

अदालत ने कहा कि बाजार में इतनी सस्ती मौत बिक रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

फरियाद फाउंडेशन ने दाखिल की है जनहित याचिका

इस मामले में पान मसाला और गुटखा की बिक्री को लेकर फरियाद फाउंडेशन ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

याचिका में कहा गया है कि प्रतिबंध के उपरांत भी राज्य में गुटखे की बिक्री हो रही है और सरकार कुछ नहीं कर रही है।

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