जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ हाई कोर्ट से ही प्रैक्टिस करके सुप्रीम कोर्ट के जज बने है: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने किया SCBA के प्रस्ताव का विरोध

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे वकीलों को हाई कोर्ट में जज नियुक्त करने के प्रस्ताव का दिल्ली, कर्नाटक, राजस्थान, आदि प्रदेशों की बार एसोसिएशन के विरोध के बाद अब इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी पुरजोर विरोध किया है ।

सोमवार को एक पत्र के माध्यम से बार एसोसिएशन ने CJI एनवी रमना से कहा है कि SCBA  द्वारा हाई कोर्ट में जजों कि नियुक्ति के परिपेक्ष्य में पारित प्रस्ताव पूर्णतया विवेकहीन एवं औचित्यहीन है। एसोसिएशन ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वकील हाई कोर्ट के वकील से ज्यादा मेधावी होते है यह हाई कोर्ट के वकीलों और जजों का अपमान है

पत्र में आगे कहा गया है कि SCBA शायद ये भूल गया है कि इस समय माननीय न्यायमूर्ति डॉ डीवाई चंद्रचूड़ हाई कोर्ट में विधि व्यवसाय करके ही सुप्रीम कोर्ट में जज के पद कि सुशोभित कर रहे हैन और उनकी योग्यता व क्षमता का कोई सनी नहीं है।

इसके साथ ही जस्टिस अशोक भूषण, जसटिस विनीत सरन, जस्टिस कृष्णा मुरारी, आदि कई ऐसे जज जो इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते थे वो सुप्रीम कोर्ट के जज है और पूर्व में भी रहे है और यही नहीं मुख्य न्यायधीश स्वयं आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट कि देन है।

HCBA ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का ऐसा प्रस्ताव निंदनीय है। आगे ये भी कहा गया है कि SCBA  ने जो सर्च कमेटी बनायीं है उसमे वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेद है, जो कि इलाहबाद हाई कोर्ट की देन है।

अंत में एसोसिएशन ने CJI  से अनुरोध किया है कि SCBA  के ऐसे प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया जाये।

इससे पूर्व कई बार एसोसिएशन और वकीलों ने CJI  को पत्र लिख SCBA के प्रस्ताव पैर गहरी नाराजगी व्यक्त कि है।

DOWNLOAD

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles