गोवा क्लब अग्निकांड: बॉम्बे हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पूर्व सरपंच रोशन रेडकर ने कोर्ट में किया समर्पण

गोवा के अर्पोरा गांव स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 को लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत के मामले में तत्कालीन सरपंच रोशन रेडकर ने गुरुवार को मापसा स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। यह कदम उन्होंने गोवा खंडपीठ द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के एक दिन बाद उठाया।

रेडकर अर्पोरा-नगुआ पंचायत के सरपंच पद पर तब थे जब यह हादसा हुआ था। इस अग्निकांड ने पूरे राज्य में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर तीखी बहस छेड़ दी थी।

रेडकर ने गिरफ्तारी से बचाव के लिए पहले मापसा की अतिरिक्त जिला अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसे बुधवार को खारिज कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, रेडकर पर भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:

  • धारा 105 – हत्या न होकर दोषसिद्ध मानव वध (Culpable homicide not amounting to murder)
  • धारा 125 – मानव जीवन को संकट में डालना
  • धारा 287 – अग्नि या ज्वलनशील पदार्थ के संदर्भ में लापरवाही
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रेडकर पर आरोप है कि उन्होंने पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के साथ मिलकर नियमों को दरकिनार कर नाइटक्लब को लाइसेंस दिलवाए, जिससे इतनी बड़ी त्रासदी घटित हुई।

रेडकर का नाम एफआईआर में दर्ज होने के बाद पंचायत निदेशालय ने उन्हें सरपंच पद से अयोग्य घोषित कर दिया है। वहीं, पंचायत सचिव रघुवीर बागकर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। बागकर पर रेडकर के साथ मिलकर अवैध तरीके से अनुमति देने का आरोप है।

गोवा पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। 6 दिसंबर को क्लब में लगी आग में भारी भीड़ के बीच कई लोग बाहर नहीं निकल सके, जिससे 25 लोगों की जान चली गई।

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‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में लगी आग गोवा के पर्यटन क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्लब में अधिकतम क्षमता से कहीं अधिक लोग मौजूद थे, और फायर सेफ्टी नियमों की घोर अनदेखी की गई थी।

हादसे के बाद राज्य सरकार ने ऐसे सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच शुरू की है जो बिना वैध लाइसेंस या सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित हो रहे हैं।

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