गौहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने नए परिसर की आधारशिला कार्यक्रम का बहिष्कार किया, कहा- ‘स्थानांतरण स्वीकार नहीं’

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा प्रस्तावित नए न्यायिक परिसर की आधारशिला रखे जाने के दिन ही गौहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (GHCBA) ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। वकीलों ने चार घंटे की प्रतीकात्मक हड़ताल कर इस कदम का बहिष्कार किया।

रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम के विरोध में GHCBA के सदस्यों ने न केवल इस दिन हड़ताल की, बल्कि गुरुवार और शुक्रवार को भी हाईकोर्ट की पुरानी इमारत के सामने चार घंटे का क्रमिक उपवास रखा।

बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शंतनु बोर्थाकुर ने कहा, “हम हाईकोर्ट को इसके वर्तमान स्थान — शहर के हृदयस्थल — से स्थानांतरित किए जाने के पूरी तरह खिलाफ हैं। हमने 10 बजे से 2 बजे तक उपवास किया और हमारे किसी भी सदस्य ने कार्यक्रम में भाग नहीं लिया।”

GHCBA का आरोप है कि राज्य सरकार ने वकीलों और अन्य हितधारकों की राय लिए बिना एकतरफा ढंग से यह निर्णय लिया और अब बिना सहमति के निर्माण कार्य शुरू करने जा रही है।

“आज आधारशिला रखी जा रही है। इसके बाद हम न्यायालय में इस निर्णय को चुनौती देने की योजना बना रहे हैं। हमारी कार्यकारिणी शीघ्र बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगी,” बोर्थाकुर ने कहा।

READ ALSO  वेतनमान और संवर्ग का निर्धारण नीतिगत विषय: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्टेनोग्राफर्स की मिनिस्टीरियल कैडर में जाने की याचिका खारिज की

बार एसोसिएशन के इस विरोध पर राज्य के महाधिवक्ता देवजीत सैकिया ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन के पीछे कुछ राजनीतिक दलों की “मिलीभगत” है।

सरकार का इरादा गुवाहाटी के उत्तर तट पर रंगमहल क्षेत्र में 148 बीघा (लगभग 49 एकड़) भूमि पर आधुनिक न्यायिक टाउनशिप विकसित करने का है। नवंबर 2025 में राज्य कैबिनेट ने इसके पहले चरण के लिए ₹479 करोड़ की मंजूरी दी थी।

गौहाटी हाईकोर्ट इस समय उजान बाजार इलाके में ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी तट पर स्थित है। यह परिसर न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि इसके सामने हाल ही में करोड़ों की लागत से एक आधुनिक बहुमंजिला इमारत भी बनाई गई है। दोनों भवन महात्मा गांधी रोड के दो ओर स्थित हैं और एक भूमिगत सुरंग से जुड़े हैं, जिसमें एस्केलेटर जैसी सुविधाएं हैं।

बार एसोसिएशन का मानना है कि मौजूदा सुविधाएं पर्याप्त हैं और हालिया उन्नयन के बाद परिसर को स्थानांतरित करने का कोई औचित्य नहीं है। उनका कहना है कि नए परिसर तक पहुंचने में वकीलों, वादकारियों और आम जनता को अत्यधिक कठिनाई होगी।

READ ALSO  सुप्रीम कोर्ट में हुआ मजेदार वाक्या, जब कपिल सिब्बल ने जजों के सामने कहा भगवान हम सभी की रक्षा करें

साथ ही, विरोध करने वालों का आरोप है कि सरकार ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट को विकसित करना चाहती है और इसके लिए हाईकोर्ट की वर्तमान भूमि को खाली कराना चाहती है। पुराने परिसर के पास ही एक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण भी चल रहा है, जिससे संदेह और गहरा गया है।

हालांकि आधारशिला का कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा है, लेकिन बार एसोसिएशन के मुखर विरोध से यह स्पष्ट है कि मामला यहीं नहीं रुकेगा। GHCBA जल्द ही इस मुद्दे को अदालत में ले जाने की योजना बना रहा है — जिससे यह विवाद एक नई न्यायिक लड़ाई का रूप ले सकता है।

READ ALSO  हाईकोर्ट के वकील पर हमले के लिए पब मैनेजर और बाउंसरों पर एफआईआर दर्ज
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles