दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह उत्तम नगर इलाके में होली के दौरान हुई हिंसा में जान गंवाने वाले 26 वर्षीय तरुण के परिजनों को हर संभव “बेहतर सुरक्षा” मुहैया कराएगी। मृतक के परिवार ने अदालत से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा था कि वे इस मामले में मुख्य गवाह हैं और उन्हें आरोपियों की ओर से लगातार धमकियां मिल रही हैं।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी पक्ष और उनके सहयोगी उन्हें केस वापस लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।
जस्टिस गिरीश कठपालिया ने 23 अप्रैल को इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी को निर्देश दिया कि वे संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को अपना निजी मोबाइल नंबर याचिकाकर्ताओं को देने का आदेश दें। इसका उद्देश्य यह है कि संकट की स्थिति में पीड़ित परिवार सीधे उच्च अधिकारी से संपर्क कर सके।
अदालत में दिल्ली पुलिस के वकील ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं:
- याचिकाकर्ताओं के घर के पास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
- इलाके में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पुलिस पिकेट तैनात की गई है, जिसमें से एक पिकेट ठीक उनके घर के सामने है।
- स्थानीय पुलिस द्वारा इलाके में सक्रिय निगरानी रखी जा रही है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता पी.के. दुबे ने बताया कि 13 अप्रैल को कुछ अज्ञात नकाबपोश महिलाओं ने मृतक की मां को डराया था। पुलिस ने कोर्ट को भरोसा दिया कि इस घटना से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है और इसकी जांच एसीपी स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी।
इसके अलावा, पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया कि सोशल मीडिया पर इस घटना से संबंधित 250 से अधिक भड़काऊ वीडियो और पोस्ट हटा दिए गए हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भी निर्देश दिया है कि यदि उन्हें ऐसी किसी अन्य भड़काऊ सामग्री की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय एसएचओ को सूचित करें ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
यह मामला 4 मार्च का है, जब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर में दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद ने होली के जश्न के दौरान हिंसक रूप ले लिया था। इस झड़प में 26 वर्षीय तरुण की मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने एक नाबालिग सहित कई लोगों को हिरासत में लिया था। अब मृतक का परिवार निष्पक्ष न्या

