दिल्ली हाईकोर्ट ने एक ‘जजमेंट डेटर’ (निर्णय ऋणी) द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें निष्पादन न्यायालय (Execution Court) के कई आदेशों को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने इस मुकदमेबाजी को “पूर्ण रूप से तुच्छ” और “दुर्भावनापूर्ण” (Mala Fide) करार दिया है। जस्टिस गिरीश कठपालिया ने याचिकाकर्ता के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट
